Go to ...

Skill Reporter

Informational updates on skill development, technical vocational education and training

Skill Reporter on Google+Skill Reporter on YouTubeSkill Reporter on LinkedInSkill Reporter on PinterestRSS Feed

January 16, 2018

प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के नाम पर दिल्ली के एक संस्थान ने किया फर्जीवाड़ा, कोर्स पूरा करने के बाद 9000 से लेकर 18000 रुपए तक की नौकरी दिलाने किया गया था एलान 


दिल्ली के एक संस्थान पर कुछ छात्रों ने प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (पीएमकेवीवाई) के नाम पर ठगकर अन्य कार्यक्रमों में प्रवेश देने का आरोप लगाया है। छात्रों का कहना है कि दिल्ली पैरामेडिकल एंड मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट (डीपीएमआई) ने छात्रों को धोखे में रखकर प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY) के नाम पर उन्हें राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (एनएसडीसी) के तहत चलने वाले नियमित कार्यक्रम में प्रवेश दिया है। वहीं डीपीएमआई की प्रधानाचार्य अरुणा सिंह से जब इस बाबत सवाल किया गया तो उन्होंने संस्थान की ओर से पीएमकेवीवाई के तहत प्रवेश का पंपलेट प्रकाशित किए जाने से साफ इनकार कर दिया। बताते चलें कि प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना 7 मार्च 2016 से समीक्षा के लिए बंद कर दी गई है और इसमें मार्च के बाद पंजीकरण नहीं हो रहा है।

छात्रों का आरोप है कि डीपीएमआई ने प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत कोर्स कराने का पंपलेट छापा, लेकिन इसके बजाए उन्हें एनएसडीसी के नियमित पाठ्यक्रम में प्रवेश दिया है। पीएमकेवीवाई के नाम पर एनएसडीसी के कोर्स में प्रवेश मिलने से छात्र बौखलाए हुए हैं। उनका कहना है कि उन्हें एनएसडीसी के डिप्लोमा और डिग्री कोर्सों में प्रवेश दिया गया है जबकि वे प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत संस्थान में कोर्स करने आए थे। कोर्स के नाम पर छात्रों से तीस हजार रुपए तक की फीस भी ली गई है।

औरंगाबाद के रहने वाले छात्र दीपक कुमार का कहना है कि संस्थान की ओर से यह चालाकी इसलिए की जा रही है क्योंकि उसका एनएसडीसी के साथ नियमित पाठ्यक्रम चलाने को लेकर दस साल का अनुबंध है। संस्थान के लिए एनएसडीसी के अंतर्गत चलने वाले मेडिकल और नर्सिंग कोर्स में प्रवेश के लिए पीएमकेवीवाई के नाम पर छात्रों को जुटाना आसान था, इसलिए उसने प्रवेश के विज्ञापन वाले पंपलेट छपवाकर छात्रों को आकर्षित किया। विज्ञापन में प्रधानमंत्री का फोटो भी था और पीएमकेवीवाई से कोर्स पूरा करने के बाद 9000 से लेकर 18000 रुपए तक की नौकरी दिलाने का भी एलान किया गया था।

गया के रहने वाले शशिराज ने बताया कि जब छात्रों ने डीपीएमआई प्रशासन से पीएमकेवाई के नाम पर एनएसडीसी के पाठ्यक्रम में प्रवेश देने के बारे में सवाल किया तो है तो उन्हें डराया-धमकाया गया, जिससे कई छात्र डर के कारण वापस अपने घर चले गए। एक छात्र रामस्नेही का कहना है कि संस्थान ने छात्रों को प्रवेश के लिए आवेदन करने पर एनएसडीसी के नाम चयन पत्र जारी किया है जबकि उसे पीएमकेवीआई के नाम पर पत्र जारी करना चाहिए था। जब इस चयन पत्र के बारे में एनएसडीसी से पूछा गया तो जवाब मिला कि इस चयन पत्र से उसका कोई लेना-देना नहीं है। बिहार के जहानाबाद के छात्र गौरव ने बताया कि उसने फरवरी में एक बुक स्टॉल पर प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत पाठ्यक्रमों में प्रवेश का पंपलेट देखा था, जिसके अंत में डीपीएमआई का पता लिखा था।

उसने तुरंत फार्म भरा और कुछ दिन बाद उसे 1 से 30 अप्रैल के बीच प्रवेश लेने के लिए न्यू अशोक नगर स्थित डीपीएमआई बुलाया गया और 30000 रुपए की फीस लेकर डिप्लोमा इन मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी (डीएमएलटी) कोर्स में प्रवेश दिया गया। छात्र का कहना है कि वह यह नहीं समझ सका था कि पीएमकेवीवाई के तहत कोर्स और एनएसडीसी का नियमित पाठ्यक्रम दोनों अलग हैं। एक अन्य छात्र का कहना है कि वे पीएमकेवीवाई के तहत प्रवेश वाले पंपलेट साथ लेकर आए थे, जिसमें संस्थान का नाम और पता लिखा है। वहीं पीएमकेवीवाई की ओर से भी साफ किया गया है कि इस योजना के नाम पर किसी संस्थान में प्रवेश लेने का यह पंपलेट फर्जी है। पीएमकेवीवाई ने इस फर्जी पंपलेट मामले की जांच करने का आश्वासन भी दिया है।

Note: News shared for public awareness with reference to the information provided at online news portals.

Tags: , , , , , , ,

More Stories From Skill Development