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January 18, 2018

मध्यप्रदेश राजभवन में हुई विश्वविद्यालयों की समन्वय समिति की बैठक, हुए कई बड़े फैसले


भोपाल :  सुना है कि मध्यप्रदेश में उच्च शिक्षा की स्थिति ठीक नहीं है। स्थिति में सुधार लाने की जरूरत है। गुणवत्ता सुधार के लिए गंभीर होना पड़ेगा। यह बात विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति और राज्यपाल ओपी कोहली ने कही।

राजभवन में बुधवार को विश्वविद्यालयों की समन्वय समिति की बैठक में राज्यपाल ने उच्च शिक्षा को लेकर चिंता जाहिर और स्थाई शिक्षकों की कमी, संविदा शिक्षक और एडहॉक पर नियुक्त शिक्षकों की बढ़ती संख्या पर नाराजगी जताई। राज्यपाल ने कुलपतियों की उस मांग को भी खारिज कर दिया, जिसमें शासन के दखल के बगैर शिक्षकों की नियुक्ति के अधिकार मांगे थे। राज्यापाल ने कहा कि समिति की बैठक साल में एक नहीं चार बार होनी चाहिए, ताकि प्रस्ताव पेंडिंग नहीं रहें। बैठक में मंत्री जयभान सिंह पवैया और कुलपति मौजूद थे।

फीस तय करने बनेगी रूपरेखा

पीएस आशीष उपाध्याय ने निजी कॉलेजों में प्रोफेशनल कोर्स छोड़कर अन्य कोर्स की फीस तय करने का प्रस्ताव रखा। विवि, कॉलेजों की सुविधाएं देखते हुए कोर्स अनुसार फीस तय करें। यदि कोई कॉलेज संतुष्ट नहीं है तो वह शासन स्तर पर अपील कर सकता है। इसकी रूपरेखा पेश होगी।

कुलपतियों को सम्मान मिले

कुलपतियों के प्रोटोकॉल का मुद्दा भी उठा। बताया गया कि उनका प्रोटोकॉल पांच नंबर से गिराकर 32 नंबर पर कर दिया गया। जो उनकी गरिमा के अनुसार नहीं है। राज्यपाल ने मांग का समर्थन करते हुए अधिकारियों से कहा कि कुलपतियों को हर हाल में सम्मान मिलना चाहिए।

स्किल डेवलपमेंट के लिए पीठ

बैठक में उच्च शिक्षा मंत्री जयभान सिंह पवैया ने स्किल डेवलपमेंट पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पंडित दीनदयाल पीठ स्थापित की जाए। यह पीठ विद्यार्थियों में स्किल डेवलपमेंट के लिए काम करे।

ये हुए निर्णय…

– कॉलेजों और विवि में संचालित यूजी और पीजी का सिलेबस एक होगा। इनकी कोर्स स्कीम में आने वाले अंतर को खत्म किया जाए।
– पीएचडी समेत यूजीसी के सभी नोटिफिकेशन पर सक्षम एजेंसी से मंजूरी लेकर उसका पालन किया जाए।
– मप्र विवि अधिनियम 1973 पर कुलपतियों की अहसमति के बाद इसे सभी विवि पर लागू करने का प्रस्ताव खारिज किया गया है।
– पारंपरिक विवि के अध्यादेशों व परिनियमों में एकरूपता लाने कमेटी गठित की गई है। इसकी रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
– अकादमिक कैलेंडर का पालन हो। विद्यार्थी परेशान ना हों, इसलिए परीक्षा और रिजल्ट समय पर घोषित हो।
– सभी निजी विवि कैलेंडर प्रस्तुत नहीं कर सके। इस पर 30 नवंबर तक हर हाल में जमा करने को कहा है।

Note: News shared for public awareness with reference from the information provided at online news portals.

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