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February 25, 2018

80 हजार पंजीकृत बेरोजगारों में से सिर्फ 1800 को ही मिल सका रोजगार


जशपुरनगर (छत्तीसगढ़) : दो जून की रोटी के लिए रोजगार की तलाश में भटक रहे शिक्षित व अशिक्षित बेरोजगारों को सहारा देने के उद्देश्य से केंद्र शासन ने स्किल इंडिया योजना का शुभारंभ किया है। इस योजना के तहत जिले के हजारों युवक-युवतियों के कौशल का विकास किया जा रहा है। बेरोजगारों को रोजगार मिल सके इसके लिए स्किल इंडिया के साथ ही जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र विभाग भी प्रयासरत् है। दोनों विभाग के साझा मेहनत से जिले में बेरोजगारी को दूर करने के लिए शासकीय क्षेत्र में नौकरी के अवसर के साथ ही निजी क्षेत्र में नौकरी करने और स्वरोजगार की ओर रूझान रखने में जोर दिया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है, जिस संख्या में हर साल शिक्षितों की संख्या बढ़ रही है, उतनी संख्या में हर साल शासकीय नौकरी की संभावना बेहद ही कम है। ऐसी स्थिति में बेरोजगारों को स्वरोजगार के साथ ही निजी क्षेत्रों में ध्यान देने की आवश्यकता है।

वहीं बेरोजगारों में स्किल की कमी होने की वजह से निजी क्षेत्र में भी उन्हें स्थान नहीं मिल रहा है। दूसरी ओर जिले में नौकरी देने वाले निजी क्षेत्र के उपक्रम की भी भारी कमी है। शासन के प्रयास से निजी क्षेत्र में नौकरी मिलने वालों की संख्या का अंतर पंजीकृत बेरोजगारों की संख्या से बेहद कम है। जिला रोजगार से मिले आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2016 दिसंबर तक की स्थिति में जिले में कुल लगभग 80 हजार पंजीकृत बेरोजगार हैं, जिनमें से कुछ को शासकीय नौकरी मिली है और लगभग 1800 लोगों को रोजगार मेला और प्लेसमेंट कैम्प के जरिए निजी क्षेत्र में नौकरी दिलाई गई है।

नौकरी का झांसा देकर मानव तस्करी

जिले में रोजगार की कमी को मानव तस्कर व एजेंट अपने मजबूत हथियार के तौर पर इस्तेमाल कर रहे हैं। रोजगार की तलाश में भटक रहे युवक-युवतियों और किशोर-किशोरियों को मोटा वेतन और बेहतर काम का लालच देकर महानगरों में उनका सौदा करने का खेल अब भी जारी है। अशिक्षित बेरोजगारों के साथ ही शिक्षित बेरोजगार भी मानव तस्करों के चंगुल में फंसकर महानगरों के दलदल में फंस रहे हैं। शासकीय नौकरी में पद कम और उम्मीदवार अधिक होने की स्थिति व निजी क्षेत्र में नौकरी की बेहद कम संभावना के चलते जिले में यह स्थिति अब भी बरकरार है। स्वरोजगार के क्षेत्र में युवाओं को कोई बेहतर विकल्प नहीं मिल पाने की वजह से इस ओर भी रूझान नहीं बन सका है। शिक्षित और अशिक्षित दोनों वर्ग के बेरोजगारों की संख्या बढ़ रही है। मानव तस्करों की जिले में सक्रियता की खबर भी आए दिन पुलिस की कार्रवाई के बाद अखबार की सुर्खियां बनती है। हाल ही में लगभग आधा दर्जन थाना क्षेत्रों खासकर बगीचा, पत्थलगांव, तपकरा और कांसाबेल क्षेत्र से काम की तलाश में बाहर जा रहे युवक-युवतियों को पुलिस ने तस्करों के चंगुल से आजाद कर उन्हें सकुशल घर लौटाया है।

Note: News shared for public awareness with reference from the information provided at online news portals.

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