प्रशिक्षण का स्तर सुधारने के लिए केंद्र सरकार ने की सख्ती, ग्रेड तय करेगा आइटीआइ का अनुदान और ट्रेड

देश के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आइटीआइ) में प्रशिक्षण का स्तर सुधारने के लिए केंद्र सरकार ने सख्ती शुरू कर दी है। सरकारी और निजी आइटीआइ को मिलने वाले अनुदान और नए ट्रेड खोलना अब संस्थानों को मिलने वाली ग्रेडिंग से तय होगा। ग्रेडिंग सिस्टम के तहत तीन से कम अंक पाने वाले आइटीआइ के अनुदान पर कैंची चलेगी तो नए ट्रेड खोलने पर भी रोक लगेगी।

स्किल इंडिया के तहत ग्रेडिंग

स्किल इंडिया के तहत आइटीआइ में गुणात्मक सुधार किया जाना है। इसके लिए ग्रेडिंग सिस्टम शुरू किया गया है। इसके तहत केंद्र और राज्य सरकार की टीमों ने औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों की ग्रेडिंग शुरू कर दी है। प्रदेश में कुल 146 सरकार और गैर सरकार आइटीआइ चल रही हैं। इनमें से 78 सरकारी और 68 गैर सरकारी मान्यता प्राप्त आइटीआइ शामिल हैं। ग्रेडिंग 43 बिंदुओं को आधार बनाकर की जा रही है।

ग्रेडिंग के मुख्य बिंदु
– आइटीआइ भवन की स्थिति
– संस्थान में उपलब्ध संसाधन
– किसी इंडस्ट्री से अनुबंध है या नहीं
– जिन ट्रेड में नियमित नियुक्ति नहीं है। उनके लिए क्या व्यवस्था है
– बायोमैट्रिक उपस्थिति होती है या नहीं
– सुरक्षा की क्या व्यवस्था है
– निजी आइटीआइ का अपना भवन है या नहीं
– वर्कशॉप में मशीनों और औजारों की स्थिति
– छात्रों को कैंपस सलेक्शन की स्थिति
– आइटीआइ को कोई पुरस्कार मिला या नहीं

यह होंगे फायदे
– तीन मिलने पर वित्तीय सहायता पक्की
– नए ट्रेड खोलने में आसानी
– निजी आइटीआइ को बार-बार नहीं कराना पड़ेगा एफिलेशन
– तीन से अधिक अंक पाने वाले आइटीआइ को अधिक वित्तीय सहायता
– विद्यार्थियों के कैंपस सेलेक्शन में केंद्र सरकार से मिलेगा सहयोग

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ग्रेडिंग का काम शुरू कर दिया है। इसमें केंद्र सरकार से जो बिंदु दिए गए हैं, उनका पूरा पालन किया जा रहा है। कुछ आइटीआइ का निरीक्षण भी हो चुका है। सभी का निरीक्षण और जांच होने के बाद ग्रेडिंग जारी की जाएगी।

-आरएस मर्तोलिया, सहायक निदेशक प्रशिक्षण

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