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April 24, 2018

कब होगा दिल्ली कौशल मिशन का गठन, भूल गई दिल्ली सरकार


नई दिल्ली : दिल्ली कौशल मिशन का गठन कब होगा? यह बात आम जनता दिल्ली की आप सरकार से पूछ रही है। मगर सरकार के पास जवाब नहीं है। सही मायने में दिल्ली सरकार इसे भुलाए बैठी है। सत्ता में आने के ढाई साल बीत जाने के बाद भी इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

विधानसभा चुनाव 2015 के प्रचार में गरीबों व मध्यम वर्ग के लोगों को रिझाने के लिए आम आदमी पार्टी ने घोषणा की थी कि सत्ता में आने पर दिल्ली कौशल मिशन का गठन किया जाएगा। हजारों युवाओं को रोजगार के लिए तैयार किया जाएगा। गरीब व अमीर के बीच की खाई को पाटने के लिए सरकार स्कूलों और कॉलेजों में व्यावसायिक शिक्षा और कौशल विकास को बढ़ावा देगी। युवाओं को सक्षम करने के लिए दिल्ली कौशल मिशन बनाएगी।

राजधानी में बेरोजगार युवाओं को रोजगार योग्य बनाने के लिए कौशल विकास कार्यक्रम को प्रभावी रूप से संचालित किया जाएगा। जिसके तहत व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास की भविष्य की कार्य-योजनाएं तैयार की जाएंगी। औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान व पॉलीटेक्निक के बेड़े को मजबूत किया जाएगा। उस समय कहा गया था कि अगले दो साल के अंदर ही चिह्नित औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं को सेंटर ऑफ एक्सेलेंस के रूप में विकसित किया जाएगा। इनमें राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय मानकों एवं माग के अनुसार प्रशिक्षण एवं तकनीकी शिक्षा दी जाएगी। इससे लाखों युवाओं को लाभ मिल सकेगा। कौशल विकास तथा स्कूल शिक्षा के बीच गतिशीलता लाई जाएगी। कौशल विकास के अल्पावधि पाठ्यक्रमों को बढ़ावा देने के लिए सभी विभागों के भर्ती नियमों में आवश्यक संशोधन किया जाएगा। औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में प्रशिक्षकों के गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण पर जोर दिया जाएगा।

जौनापुर में खुलना था कौशल विकास केंद्र

जुलाई 2012 में तत्कालीन शीला दीक्षित सरकार ने सिंगापुर सरकार के साथ एक करार किया था। जिसके तहत दिल्ली में एक विश्वस्तरीय कौशल विकास केंद्र करीब 37 एकड़ भूमि पर दक्षिणी दिल्ली स्थित जौनापुर के निकट विकसित किया जाना था। इस केंद्र का निर्माण मार्च 2015 तक पूरा होना था। शुरू में इस केंद्र में एक वर्ष की अवधि के अलग-अलग पाठ्यक्रमों में करीब 640 युवाओं को दाखिला दिया जाना था। 2015 में सत्ता में आने के बाद आप सरकार ने भी इसी जौनापुर के केंद्र को विकसित करने की बात कही थी। इसे खूब प्रचारित भी किया था। मगर अब शांत है।

Note: News shared for public awareness with reference from the information provided at online news portals.

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