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April 25, 2018

आईटीआई छात्रों से वसूला एक करोड़ रुपए टैक्स, अब लौटाने पर विभागों में शुरू हुई खींचा तानी


ग्वालियर : प्रदेश में व्यापारियों के साथ ही विद्यार्थियों से भी टैक्स वसूलने का मामला सामने आया है। यह वसूली आईटीआई के छात्रों से एमपी ऑनलाइन द्वारा की गई है। टैक्स में ली गई राशि वापिस लेने के लिए कौशल विकास संचालनालय ने पत्र भी लिखा है, लेकिन मामला अधर में लटका है।

इस साल जिन छात्र-छात्राओं ने आईटीआई परीक्षा दी, उनसे फीस के साथ पहले सर्विस टैक्स और फिर जीएसटी (गुड्स एंड सर्विस टैक्स) लिया गया। जब यह टैक्स वसूला जा रहा था, तब कौशल विकास संचालनालय की तरफ से कोई आपत्ति नहीं ली गई। इस मौन के कारण प्रदेश के करीब सवा लाख विद्यार्थियों से लगभग एक करोड़ रुपए केवल टैक्स के नाम पर जमा करवा लिया गया। पेपर होने के बाद अगस्त 2017 में कौशल विकास संचालनालय के डायरेक्टर की तरफ से एमपी ऑनलाइन को चिट्ठी लिखकर उक्त राशि वापिस करने के लिए कहा गया। लेकिन एमपी ऑनलाइन ने ऐसा करने से मना कर दिया। तब से अब तक मामला चर्चा में ही है।

केंद्र का नोटिफिकेशन बताया

कुछ छात्रों ने डीबी स्टार को शिकायत की तो मामले की पड़ताल की गई। सबसे पहले एमपी ऑनलाइन के अधिकारियों से बात की तो उन्होंने बताया कि इस साल केंद्र सरकार का नोटिफिकेशन आया है। इसमें आईटीआई के विद्यार्थियों से टैक्स वसूलने का प्रावधान किया गया है। अब सवाल यह है कि ऐसा क्यों किया गया? क्योंकि आईटीआई को अब तक स्कूल शिक्षा के समकक्ष माना गया था और स्कूल शिक्षा की परीक्षाएं टैक्स के दायरे से बाहर हैं। पड़ताल में यह भी सामने आया कि भारत सरकार ने आईटीआई को स्कूल शिक्षा के समकक्ष मानकर पूरी तरह से व्यावसायिक शिक्षा माना है, जबकि आईटीआई की पढ़ाई कक्षा 10वीं के बाद कराई जाती है, कि स्नातक स्तर की है। इस मामले में विभागीय मंत्री से बात की तो उन्होंने माना कि टैक्स नहीं लगना चाहिए। वे इस मामले में केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से बात करेंगे।

भारत सरकार का नोटिफिकेशन है

हम अपनी तरफ से कुछ नहीं करते हैं। केंद्र सरकार की तरफ से नोटिफिकेशन आया था कि परीक्षा के लिए ली जाने वाली फीस पर टैक्स लिया जाए। इसकी वजह बताई जा रही है कि आईटीआई को अब स्कूल शिक्षा के समकक्ष नहीं माना गया है। हम अपनी तरफ से निर्णय नहीं लेते। शंकरलाल, सीओओ, एमपी ऑनलाइन

केंद्रीय मंत्री से बात करूंगा

दीपक जोशी, राज्यमंत्री, कौशल विकास विभाग ने कहा कि आईटीआईकी पढ़ाई स्कूल शिक्षा के समान ही होती है। इसलिए टैक्स लेने को लेकर मैं केंद्रीय कौशल विकास मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से बात करूंगा, ताकि बच्चों ने जो टैक्स दिया है, वह उन्हें वापिस मिल सके।

Note: News shared for public awareness with reference from the information provided at online news portals.

 

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