Go to ...

Skill Reporter

Informational updates on skill development, technical vocational education and training

Skill Reporter on Google+Skill Reporter on YouTubeSkill Reporter on LinkedInSkill Reporter on PinterestRSS Feed

April 20, 2018

नए सत्र में 16 सामान्य व 08 महिला आईटीआई खुलते ही पूरा होगा सभी अनुमंडलों में कम से कम एक-एक आईटीआई खोलने का सरकार का संकल्प


झारखंड : राज्य के सभी अनुमंडलों में कम से कम एक-एक आईटीआई खोलने के सरकार का संकल्प 2018-19 में पूरा हो जाएगा। नए वित्तीय वर्ष में राज्य में 24 नए आईटीआई (औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान) खोला जाएगा। इसमें 16 अनुमंडलों में सामान्य और 8 जिलों में महिला आईटीआई शामिल है। 85 अनुमंडलों में एक-एक आईटीआई खोलने की अनुमति पहले ही मिल चुकी थी। इसमें अधिकतर आईटीआई में पढ़ाई भी हो रही है।

नए 24 आईटीआई में अगले शैक्षणिक सत्र 2018-19 से पढ़ाई शुरू होगी। राज्य सरकार के संकल्प के अनुसार सभी अनुमंडलों में कम से कम एक-एक आईटीआई और हर जिला में कम से कम एक-एक महिला आईटीआई स्थापित किया जाना है। अगले साल नए आईटीआई खुलने के बाद राज्य में आईटीआई की संख्या 145 हो जाएगी। सामान्य आईटीआई में 6 और महिला आईटीआई में 4 कोर्स संचालन की भी अनुमति मिल चुकी है। श्रम संसाधन विभाग ने वैसे अनुमंडलों में नए आईटीआई और जिलों में महिला आईटीआई खोलने का लक्ष्य रखा है, जहां आईटीआई नहीं है। एक सामान्य आईटीआई खोलने पर 14 से 16 करोड़ खर्च होता है, जबकि महिला आईटीआई के लिए 12 से 14 करोड़।

एक आईटीआई में होंगे 32-35 इंस्ट्रक्टर व कर्मचारी
श्रम संसाधन विभाग ने सभी जिलाधिकारियों को पत्र भेजकर चिह्नित अनुमंडलों में आईटीआई के लिए कम से कम तीन-तीन एकड़ जमीन उपलब्ध कराने के लिए कहा है। नए आईटीआई में कम से कम 6 ट्रेड होंगे। रोजगार की संभावना वाले अत्याधुनिक ट्रेड की ही पढ़ाई होगी। एक आईटीआई में 32 से 35 इंस्ट्रक्टर व कर्मचारी होंगे। सामान्य आईटीआई में एक वर्ष में विभिन्न ट्रेडों में 158 छात्रों का नामांकन होगा। महिला आईटीआई में सभी ट्रेडों में 130 से 140 छात्राओं को नामांकन होगा।

आईटीआई के माध्यम से राज्य के युवाओं को विभिन्न ट्रेडों में प्रशिक्षण दिला कर रोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य है।

रोजगार की संभावना को देखते हुए नए आईटीआई खोले जा रहे हैं। पिछले सात-आठ वर्षों से सरकार ने नए आईटीआई खोलना तेज किया है।

Tags: , , , , , , ,

More Stories From Jharkhand