Go to ...

Skill Reporter

News and media to update you on Skill Development in India

Skill Reporter on Google+Skill Reporter on YouTubeSkill Reporter on LinkedInSkill Reporter on PinterestRSS Feed

November 20, 2017

आईटीआई के दृष्टिबाधित छात्रों ने किया धरना प्रदर्शन, कलेक्टर ने संचालक कौशल विकास को पत्र लिखकर समस्याओं से कराया अवगत


भोपाल : गोविंदपुरा आईटीआई में कोपा ट्रेड लेकर एडमीशन लेने वाले करीब 40 दृष्टिबाधितों ने कलेक्टर कार्यालय में जमकर नारेबाजी करते हुए धरना प्रदर्शन किया। कलेक्टर सुदाम पी खाडे से गुहार लगाई कि उन्हें छात्रावास की निःशुल्क व्यवस्था कराई जाए। हालांकि छात्रों ने यह दूसरी बार कलेक्टर से अपनी समस्याएं बताई है। इससे पहले 25 जुलाई की जनसुनवाई में कलेक्टर से इन दृष्टिबधित छात्रों ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उन्हें प्रति माह मिलने वाली छात्रवृत्ति 2000 रुपए अप्रैल से अगस्त तक की नहीं दी गई है। आईटीआई के प्रिंसिपल कहते हैं कि हमारे पास बजट नहीं है। इस पर कलेक्टर ने संचालक कौशल विकास को पत्र लिखकर नियमित रूप से छात्रवृत्ति का भुगतान करने के निर्देश दिए थे। अब इन छात्रों को 21 अगस्त को क्लासेस लगाने के लिए भोपाल बुलाया गया। इसके बावजूद अब तक न तो छात्रवृत्ति दी गई और न ही हॉस्टल की सुविधा।

यह है मामला

जुलाई माह में आईटीआई में प्रवेश हुए इस दौरान करीब 52 दृष्टिबाधित विद्यार्थियों को एडमीशन दिया गया। इस दौरान इन छात्रों को हॉस्टल सुविधा और छात्रवृत्ति के रूप में 2000 रुपए प्रतिमाह देने की बात कही गई। एडमीशन के बाद सभी छात्रों को एक अगस्त तक आईटीआई आने के लिए कहा गया, जब दृष्टिधिर आए तो, उन्हें वापस कर दिया गया और कहा गया कि 21 अगस्त तक आएं। 21 अगस्त को बच्चे आईटीई पहुचे तो, उन्हें यह कहकर मना कर दिया गया कि हमारे पास ऐसा कोई प्रावधान नहीं है। जिसके चलते छात्रों ने सोमवार को कॉलेज परिसर में प्रिंसिपल रूम के सामने धरना दिया। दूसरी तरफ पिछले साल एडमीशन ले चुके छात्रों को जून माह से छात्रवृत्ति नहीं दी गई है, जिससे वह परेशान हैं।

कलेक्टर के आदेश की संचालक ने की अवहेलना

कलेक्टर ने 25 जुलाई को कौशल विकास विभाग के संचालक को पत्र लिखकर छात्रवृत्ति का नियमित रूप से भुगतान करने के लिए कहा था। फोन पर कलेक्टर ने प्रिंसिपल से बात की थी, तब प्राचार्य ने बताया था कि हमारे पास बजट नहीं है। जबकि वहीं कमिश्नर से बात करने पर उन्होंने बताया था कि एक करोड़ दस लाख रुपए का बजट उपलब्ध कराया गया है, जिसमें से 28 लाख अभी शेष हैं। इसके बावजूद भी दृष्टिबाधित छात्रों की समस्या का निराकरण नहीं किया गया। लिहाजा अब प्रमुख सचिव तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग को पत्र लिखकर इनकी समस्यां का निराकरण करने के लिए कहा गया है।

पीएस को लिखा पत्र

सुदाम पी खाडे, कलेक्टर, भोपाल ने प्रमुख सचिव तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग को पत्र लिखकर बच्चों की समस्याओं से अवगत कराया गया है।

Note: News shared for public awareness with reference from the information provided at online news portals.

Tags: , , , , , , , , , , , , , , , , ,

More Stories From Madhya Pradesh