नौकरी के लिए 90% युवाओं का हो रहा पलायन, रोकने पर हुई चर्चा

जमशेदपुर : झारखंड स्किल डेवलपमेंट मिशन सोसायटी (जेएसडीएमएस)और आयडा के संयुक्त तत्वाधान में उपायुक्त सभागार में गुरुवार को इंडस्ट्रीज कनेक्ट का आयोजन हुआ। इसकी अध्यक्षता डीसी अमित कुमार ने की। कार्यक्रम में जिले के 70 उद्यमी शामिल हुए। इस दाैरान पावर पॉइंट प्रजेंटेशन के जरिए बताया गया कि आयडा समेत पूरे जिले में छोटे व मध्यम किस्म के तकरीबन पंद्रह सौ से ज्यादा प्रतिष्ठान हैं। 90 प्रतिशत युवा नौकरी के लिए झारखंड से बाहर जा रहे हैं। इन्हें राज्य में ही नौकरी मिल सके इसलिए कंपनियों में उनकी जरूरत पूछी गई।

आॅटोमोबाइल के क्षेत्र में फोर्जिंग, शीट मेटल, रोलिंग, गैस कटर टर्नर, मीलिग आॅपरेटर चाहिए। फाउंड्री के क्षेत्र में मोल्डर और एचआर के लिए युवाओं की तलाश कंपनियां कर रही हैं। सिविल क्षेत्र की बात करें तो मेंशन मिस्त्री, वाइंडिग, सेंटरिंग करने वाले व पेंटर की जरूरत है। एसिया व विभिन्न औद्योगिक प्रतिष्ठान के संचालकों ने अपने विचार रखे। एसिया के अध्यक्ष इंदर अग्रवाल ने बैठक में उद्यमियों की आवश्यकता के बारे में डीसी अमित कुमार को जानकारी दी। प्रेजेंटेशन के जरिए बताया गया कि किस तरह वे कुशल मजदूरों की तलाश कर सकते हैं। जेएसडीएमएस के प्रतिनिधियों ने डीसी को बताया कि 10 माह में जिले के 7272 युवाओं को कौशल विकास के तहत प्रशिक्षण दिया गया। इनमें से 5723 को रोजगार मिला है। जेएसडीएमएस ने कौशल विकास के तहत प्रशिक्षण के लिए अब तक 10,098 युवाओं का चयन किया है। जिले में सात स्थानों पर कौशल विकास के तहत युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसायटी के तहत भी महिलाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डीसी अमित कुमार ने उद्योगपतियों से सुझाव मांगे कि कैसे कौशल विकास को दिशा दी जाए, ताकि स्थानीय युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार उपलब्ध कराया जाए और पलायन को रोका जाए। उद्यमियों ने डीसी को बताया कि उनके संस्थानों में करीब 25 प्रतिशत कुशल कामगारों की आवश्यकता है। स्थानीय स्तर पर कुशल कारीगर नहीं मिलने के कारण बाहर से कुशल कारीगरों को बुलाया जा रहा है। डीसी ने कहा 12 जनवरी 2019 को युवा दिवस पर सरकार ने एक लाख युवाओं को नियुक्ति पत्र देने का लक्ष्य तय किया है।

बैठक में एसिया के अध्यक्ष इंदर अग्रवाल ने कहा कि आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र को आठ सेक्टर में बांटा जाए और टीम का गठन किया जाए, जिसमें सरकारी कर्मचारियों के अलावा एसिया के प्रतिनिधि भी शामिल होगे। टीम के सदस्य हर कंपनी में जाकर उद्यमी से मिलकर यह जानने का प्रयास करेगे कि उन्हें किस क्षेत्र में स्किल मजदूरों की आवश्यकता है। इसके आधार पर प्रशासन युवाओं को प्रशक्षित करे। डीसी अमित कुमार ने इस दिशा में काम करने का भरोसा दी। अग्रवाल ने यह भी कहा कि कुशल अथवा अकुशल मजदूरों की कमी के कारण कंपनियों का उत्पादन प्रभावित हो रहा है। अगर प्रशासन ने कुशल मजदूर उपलब्ध करा दी तो कंपनियों का उत्पादन बढ़ेगा। अग्रवाल ने कहा कि प्रशासन पहले इस तरह का काम नहीं करता था। अगर प्रशासन की ओर प्रयास हो रहा है तो उद्यमियों को पीछे नहीं रहना चाहिए।

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