रेवाड़ी : इंदिरा गांधी यूनिवर्सिटी (आईजीयू) अब पाठ्यक्रमों में कौशल विकास की भी शिक्षा देगा। आईजीयू ने इसकी तैयारी कर ली है। विश्वकर्मा स्किल डेवलपमेंट यूनिवर्सिटी से भी बात की गई है। जानकारी मुताबिक वहां के शिक्षक यहां आकर लोगों को कौशल विकास का प्रशिक्षण देंगे। केंद्र सरकार की महत्वकांक्षी योजना कौशल विकास को लेकर आईजीयू भी यहां पाठ्यक्रम कराने की तैयारी में है। इससे एक और लोगों में कौशल निखरेगा। वहीं उनका आर्थिक विकास भी होगा। इसके लिए यूनिवर्सिटी में दो से तीन माह के अल्पकालिक कोर्स चलाए जाएंगे जिसमें प्रशिक्षण दिया जाएगा।
गोद लिए गांवों को मिलेगा विशेष लाभ
यूं तो इन कोर्सों में कोई भी आवेदन कर सकेगा, लेकिन यह खासकर गोद लिए गांवों के लिए शुरू किए जाएंगे। यूनिवर्सिटी ने सात गांव गोद लिए हैं इनमें मीरपुर, तुर्कियावास, जाट सायरवास, ततारपुर आदि शामिल हैं। यूनिवर्सिटी का प्रयास इन गांवों के लोगों को कौशल विकास से जोड़ना है। ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को आत्मनिर्भर बनाया जा सके।
महिलाओं को मिलेगी तव्ज्जो
स्किल डेवलपमेंट कोर्स में यूनिवर्सिटी खासकर महिलाओं के लिए अधिक कोर्स चलाना चाहती है। जिनमें मोमबत्ती बनाना, दीपक बनाना आदि शामिल है। इन कोर्सों को करने के बाद महिलाएं खुद का व्यवसाय कर सकेंगी। जिससे उन्हें आर्थिक लाभ होगा। इसके अतिरिक्त बहुत से कोर्स पुरुषों के लिए भी चलाए जाने की उम्मीद है।
होगा एमओयू साइन
पिछले दिनों आईजीयू के कुलपति प्रो. एसपी बंसल के भगत फूलसिंह महिला विश्वविद्यालय, खानपुर कलां सोनीपत का अतिरिक्त कार्यभार संभालने के बाद अब आईजीयू, खानपुर कलां एवं स्किल डेवलपमेंट यूनिवर्सिटी के बीच एक एमओयू साइन करने पर मंथन चल रहा है। जिसके तहत स्किल डेवलपमेंट यूनिवर्सिटी से शिक्षक यहां लोगों को प्रशिक्षण देंगे। वहीं दोनों यूनिवर्सिटी अपने सर्टिफिकेट प्रदान करेगी।
यूनिवर्सिटी में बनेगा सेंटर
इस कोर्स के शुरू करने के लिए बाकायदा आईजीयू में एक सेंटर बनाया जाएगा। जिसमें इस कोर्स करने के इच्छुक लोग आवेदन कर सकेंगे। कुछ औपचारिकता पूरी करने के बाद इन दो या तीन माह के सर्टिफिकेट कोर्स के लिए प्रवेश मिल जाएगा।
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