रांची : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हों या झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास, दोनों के एजेंडे में सबसे ऊपर है कौशल विकास। सरकार चाहती है कि युवाओं को प्रशिक्षण देकर देश में कुशल कार्यबल तैयार किया जाये, जो नये भारत और नये झारखंड का निर्माण करेंगे। भविष्य के भारत और भविष्य के झारखंड के निर्माण में अहम योगदान देंगे।
प्रधानमंत्री ने कहा था कि इसमें देश भर में फैली आईटीआई की शृंखला को अहम भूमिका निभानी होगी। लेकिन, झारखंड की राजधानी रांची के हेहल में स्थित औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (ITI) एक महीने से बंद है। इसमें एडमिशन लेने वाले छात्र नाराज हैं। गुस्साये छात्रों ने बुधवार को कॉलेज में ही ताला जड़ दिया। सैकड़ों छात्र सड़क पर उतर आये और रोड को जाम कर दिया।
दरअसल, सरकार और शिक्षकों के बीच ग्रेड पे को लेकर विवाद चल रहा है, जिसकी वजह से आईटीआई के शिक्षक हड़ताल पर चले गये हैं। एक महीने से उनकी हड़ताल जारी है। चूंकि शिक्षक और प्रशिक्षक कॉलेज नहीं आ रहे हैं, कॉलेज भी बंद है। छात्र एक महीने से कॉलेज खोलने की मांग कर रहे हैं। लेकिन, आज तक उनकी बात नहीं सुनी गयी।
अंतत: छात्रों के सब्र का बांध टूट गया और उन्होंने कॉलेज में ताला जड़कर राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 23 को जाम कर दिया। छात्रों के आंदोलन की वजह से एनच-23 के दोनों ओर वाहनों की लंबी–लंबी कतारें लग गयी हैं। आवागमन पूरी तरह से ठप हो गया है।
छात्रों का कहना है कि शिक्षकों का विवाद सरकार से है। सरकार और शिक्षक अपने ग्रेड–पे का विवाद सुलझायें। उनका भविष्य क्यों बर्बाद किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिस दिन ग्रेड–पे का मामला सुलझ जायेगा, शिक्षकों को उनका वेतन एरियर के साथ मिल जायेगा, लेकिन छात्रों का जो वक्त बर्बाद हो रहा है, उसका क्या? छात्रों ने तो पूरी फीस भरी है, तब उन्हें एडमिशन मिला है। फिर सरकार या शिक्षक को किसने हक दिया कि वे छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करें।
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