सतना : कृषि अभियांत्रिकीय विभाग में कौशल विकास केन्द्र की शुरुआत 11 जनवरी को हुई थी कृषि मंत्री गौरीशंकर बिसेन ने केन्द्र का उद्घाटन किया था बड़े तामझाम के साथ शुरू किए गए इस कौशल विकास केन्द्र में प्रथम चरण पर ट्रैक्टर मैकेनिक का प्रशिक्षण दिया जाना शुरू हुआ।
प्रदेश का यह चौथा कृषि कौशल केन्द्र है
इसमें प्रशिक्षणार्थियों के रुकने-खाने की व्यवस्था भी वहीं की गई थी मध्य प्रदेश का यह चौथा कृषि कौशल केन्द्र है सतना के अलावा ये जबलपुर, भोपाल और ग्वालियर में संचालित हैं इसमें टै्रक्टर मैकेनिक टै्रक्टर ऑपरेटर, हार्वेस्टर मैकेनिक और हॉर्वेस्टर ऑपरेटर का प्रशिक्षण दिया जाना है फिलहाल इस कौशल विकास केन्द्र में टै्रक्टर मैकेनिक का प्रशिक्षण दिया जाता है।
रहने खाने की नि:शुल्क व्यवस्था
कौशल केन्द्र में रहने खाने की नि:शुल्क व्यवस्था है प्रशिणार्थियों ने आरोप लगाया कि यहां खाने की गुणवत्ता बिल्कुल सही नहीं है नाश्ते में मिलने वाला पोहा इतना कड़क बनता है कि गले के नीचे नहीं उतरता जबकि खाने के चावल की गुणवत्ता इतनी घटिया है कि उसमें इल्लियां घूमते नजर आती हैं इन्हीं सब अव्यवस्थाओं के बीच 22 प्रशिणार्थियों ने ट्रेनिंग को अलविदा कह दिया है।
खाने में निकल रहे कीड़े
सुबह का बचा खाना रात को दिया जाता है शेष बचे प्रशिक्षणार्थियों ने जब इस बात की धमकी दी कि वो भी आज संस्थान छोड़कर घर जा रहे हैं तो कार्यपालन यंत्री जीसी मस्कोले क्लासरूम पहुंचकर जांच की बात करते हुए हंगामे को शांत कराया शुभम तिवारी ने बताया कि कभी जली रोटी मिलती है खिचड़ी जैसा चावल रहता है दाल में कीड़े, चावल में कीड़े, मतलब किसी प्रकार की सुविधा ही नहीं है यहां खाने में शोषण किया जा रहा है हम लोगों का हम सभी लोग जा रहे थे अगर शंभू भइया न आते तो हम लोग आज घर पर होते अपने यदि निराकरण नहीं होता है तो आज हम लोग शाम को रवाना हो जाएंगे आगे शिकायत भी करेंगे जाकर।
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